कभी खाने को भी नहीं थे पैसे , आज कमाते है करोड़ों |

Biopic Story Sun Jan 24 2021

Arun Bajaj की ''Needle man " बनने की कहानी | Arun Bajaj Biography in Hindi |

दोस्तों हम मे से काफी लोगों को तस्वीरे बनवाने का बहुत शौख होगा , लेकिन अगर आप मे से यह कहा जाए की आप तस्वीर किसी सिलाई वाली मशीन से सिलाई करके बनानी है | तो आप लोगों को कैसा लगेगा , इसे तो आप एकदम नामुमकिन जैसे शब्दों के साथ जोड़ देंगे , परन्तु दोस्तों ऐसा एक इंसान ने मुमकिन करके दिखाया दिखा ही दिया है | वो और कोई नहीं“Arun Bajaj” जी है , जिन्होंने नामुमकिन को मुमकिन करके दिखा दिया है | जिन्हे लोग आज “Needle Man” के नाम से जानते है |

Arun Bajaj Biography in Hindi

तो दोस्तों आज हम लोग “Arun Bajaj” के नामुमकिन से मुमकिन होने तक के सफर को जानने वाले है |

Arun Bajaj (अरुण बजाज) का जन्म पटियाला ( पंजाब ) मे हुआ था | इनके पिता जी एक दर्जी थे | और वही एक मार्केट मे दर्जी की shop चलते थे | अरुण का बचपन काफी गरीबी मे बीता , वो पढ़ने मे काफी मंद थे | लेकिन उनको आर्ट बनाने का बहुत शौख था | और वो अपनी कक्षा मे बच्चों की हमेशा sketching (पेंटिंग) बनाया करते थे | अरुण के पिता ने उन्हे अपने साथ दुकान पर 12 साल की उम्र से ले जाने लगे और अरुण काम सीखने लगे | अरुण बजाज को लोगों की एक बात चुभती थी“की ये तो दर्जी का लड़का है यही सोच बदलने के लिए अरुण बजाज ने सोच लिया था की कुछ अलग करके दिखाना है | और समाज मे respect पानी है |

  Arun Bajaj (अरुण बजाज) के पैरों के तले जमीन तब खिसक गई जब 16 साल की उम्र मे ही उनके पिता का निधन हो जाता है | अरुण पर तो मानो मुशीबतों का पहाड़ ही टूट गया था , क्योंकि इतने गरीब परिवार मे उनके पिता के अलावा कोई कमाने वाला नहीं था | पिताजी के निधन के 13 दिन बाद अरुण बजाज ने अपनी दुकान खोली और कुछ उधार समान लाकर , काम करने लगे |

लगातार कुछ सालों तक काम करने के बाद अरुण बजाज ने पटियाला के अंदर एक अपनी अलग ही छबि बना ली थी | उनके काम की वजह से उनके पास बड़े-बड़े singers की Dress बनने के orders आने लगे और देखते ही देखते अरुण बजाज की किस्मत बदलने लगी “परन्तु कहते है ! ना जब किस्मत कही और ले जाना चाह रही हो तो , आपको तो उसके साथ चलना ही पड़ता है |”ऐसे ही एक रात अरुण बजाज के सपने मे गुरु नानक देव जी आते है | और अरुण देखते है की वो अपनी सिलाई मशीन से उनकी तस्वीर (ported) बना रहे है बस उस दिन से अरुण ने यही सोचा था की अब एक प्रयास करके देख ही लेता हूँ और 8 दिन की कड़ी मेहनत के बाद गुरु नानक देव जी तस्वीर बना कर तैयार कर देते है | जिसे लोगों का बहुत प्यार मिला |फिर क्या अरुण बजाज ने अपनी सिलाई मशीन से ऐसी ही कलाकारी करने का निश्चय कर लेते है |

                 उनके life का सबसे बड़ा दिन तब आता है | जबवो भगवान श्रीकृष्ण (Lord Krishna ) की तस्वीर बनाने का निर्णय लेते है | क्योंकि यही वो तस्वीर है जिसे पैरों से लेकर चेहरे तक बनाने मे पूरा 1 साल का समय लगा था | और उसके (background) को बनाने मे लगभग 2 साल और लग गए थे | उस तस्वीर को बनाने मे लगभग 28 लाख, 36 हजार मीटर Thread लगा है  और इसके अलावा 3545 रीले लगी हुई थी |

इस तस्वीर को बनाने मे पूरे 3 वर्ष का समय लगा |

जो दुनिया की सबसे लंबे धागे की तस्वीर है | जिसने 5 वर्ड रिकार्ड अपने नाम किया , गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स , लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स , वर्ल्ड रिकॉर्ड्स इंडिया , युनिक वर्ल्ड रिकॉर्ड्स लिमिटेड , इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स |

आज इस पिक्चर के कीमत लगभग 1 करोड़ रुपये है |

इसके बाद तो जैसे अरुण बजाज साहब पूरी दुनिया मे छा गए और लगातार आगे तस्वीर बनाते गए , उनकी प्रमुख तस्वीरों मे ,  (महाराजा रणजीत सिंह का दरबार , pm श्री नरेंद्र मोदी जी तस्वीर , राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविन्द जी की तस्वीर ) शामिल है |

अरुण बजाज को अब पूरी दुनिया जान चुकी थी और अब वो नई-नई तस्वीरो के लिए पहचाने जाने लगे |

जिन्हे आज दुनिया “नीडल मैन” के नाम से जानती है |

 अरुण बजाज जी के यादगार लम्हे 

दोस्तों अरुण बजाज जी के जिंदगी के यादगार पल प्रधानमंत्री (श्री नरेंद्र मोदी जी ) एवं राष्ट्रपति (श्री राम नाथ कोविन्द जी) से मुलाकात के है |

वो खुद कहते है कि प्रधानमंत्री जी से जब उनको मिलने के लिए बुलाया गया था, तो वो बहुत आश्चर्यचकित थे | और उनसे मिलने के बाद उनको प्रशंसा-पत्र भी दिया |

3 जनवरी 2020 को राष्ट्रपति जी के साथ मुलाकात मे राष्ट्रपति जी ने उन्हे प्रशंसा-पत्र के साथ-साथ , घड़ी और पेनभी भेट करते हुए एक उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाए दी | और उनके द्वारा बनाई गई तस्वीर को राष्ट्रपति भवन के अजायब घर मे लगाए जाने का भी वादा किया |

दोस्तों आज अरुण बजाज लोगों की तस्वीर कड़ाई के जरिए कपड़ों पर हूबहू बना देते है | और 25 साल से कड़ाई मे महारत हासिल कर चुके है | तभी आज दुनिया उन्“नीडल मैन” कह का पुकारती है |

तो दोस्तों कैसी लगी अरुण बजाज की “नीडल मैन” बनने की कहानी हमे comment करके जरूर बताये |

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धन्यवाद ! 

लेखक – Aryan pal                  

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