केंद्र ने रामसेतु की उत्पत्ति का निर्धारण करने के लिए पानी के नीचे अध्ययन करने की अनुमति दी।

News following Tue Jan 26 2021

रामसेतु तमिलनाडु के दक्षिण पूर्वी तट के किनारे रामेश्वरम द्वीप तथा श्रीलंका के उत्तर पश्चिमी तट पर भंडार दीप के पास है ।यह सेतु प्रभु श्री राम व वानर सेना द्वारा सीता माता को रावण से मुक्त करने के लिए बनाई गई एक श्रृंखला है ।
credit: third party image reference
मान्यता के अनुसार इस सेतु का निर्माण अयोध्या के राजा राम श्री राम की सेना के 2 सैनिक जो कि वानर थे ,नल और नील के नाम से रामायण में मिलते हैं। उनके द्वारा इस सेतु निर्माण की शुरुआत की गई थी ।भारत के दक्षिण पूर्वी में रामेश्वरम और श्रीलंका के पूर्वोत्तर में मन्नार दीप के बीच उत्तरी चट्टानों की एक चेन है ।
credit: third party image reference
इस इलाके में समुंद्र बेहद पुतल है ।समुंद्र मेंइन चट्टानों की गहराई सिर्फ 3 फुट से लेकर 30 फुट के बीच है ,इस पुल की लंबाई लगभग 48 किलोमीटर और 3 किलोमीटर चौड़ाई है ।रामसेतु भौतिक रूप से 30 उत्तर में बंगाल की खाड़ी को दक्षिण में शांत और स्वच्छ पानी वाली मन्नार की खाड़ी से अलग करता है ।जो धार्मिक एवं मानसिक रूप से दक्षिण भारत को उत्तर भारत से जोड़ता है।
credit: third party image reference
समुद्र पर बनी इस हेतु को दुनिया भर में ऐडम्स ब्रिज के नाम से भी जाना जाता है ।हालांकि कुछ वैज्ञानिक रामसेतु को एक सुपर ह्यूमन अचीवमेंट मानते हैं ।इस पुल में निर्माण में इस्तेमाल किए गए पत्थरों को जानने के लिए लोगों में आज भी जिज्ञासा है? यह सेतु चूना पत्थर की बनी एक श्रृंखला है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई )के तहत एक निकाय ने पिछले महीने पानी के नीचे की खोज परियोजना के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी।
credit: third party image reference
 (सीएसआईआर )और (एनआईए )द्वारा आयोजित किया जाने वाला अध्ययन रामायण काल की आयु निर्धारित करने में मदद करेगा ।और रामसेतु के निर्माण के पीछे की प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित करेगा। यह भी पता करने में मदद करेगा कि, क्या रामसेतु के आसपास कोई जलमग्न बस्तियां है या नहीं ।
credit: third party image reference
(आई ए आई )सिंधु साधना या सिंधु संकल्प के अनुसंधान जहाजों को जल स्तर से 35 से 40 मीटर नीचे तलछट के नमूने एकत्र करने के लिए इस परियोजना के तहत किया जाएगा।
This article represents the view of the author only and does not reflect the views of the application. The Application only provides the WeMedia platform for publishing articles.
Powered by WeMedia

Join largest social writing community;
Start writing to earn Fame & Money