शहीद दिवस के अवसर पर भारत के प्रधानमंत्री ने गांधी जी को किया सादर प्रणाम

Riddhi kumari Mon Feb 01 2021

३0 जनवरी राष्ट्रीय स्तर पर मनाई जाने वाली तारीख है। तारीख को इसलिए चुना गया क्योंकि इसमें १९४८ में नाथूराम गोडसे द्वारा मोहनदास करमचंद गांधी की हत्या के निशान थे।आज गांधी जी को हमारे बीच से गए, और हमें अलविदा कहे हुए ७३ वर्ष हो गए हैं| 

इस दिवस पर गांधी जी को याद करते हुए भारत के राष्ट्रेपति ने ये ट्वीट करके शांति और प्रेम को बढ़ाने का आग्रह करते हुए लिखा हैं "आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के अमर-बलिदान के दिन कृतज्ञ राष्ट्र की ओर से उनकी पुण्य स्मृति को मैं नमन करता हूं। शांति, अहिंसा, सादगी, साधनों की पवित्रता और विनम्रता के उनके आदर्शों का हमें पालन करना चाहिए। आइए हम उनके द्वारा दिखाए गए सत्य और प्रेम के मार्ग पर चलने का संकल्प लें।"

भारत के प्रधानमंत्री नें भी नम्र आँखो और प्रेमपुरण लिखा हैं "महान बापू को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि। उनके आदर्श लाखों लोगों को प्रेरित करते रहते हैं।

 

शहीद दिवस पर हम उन सभी महान महिलाओं और पुरुषों के वीर बलिदानों को याद करते हैं जिन्होंने भारत की स्वतंत्रता और प्रत्येक भारतीय की भलाई के लिए खुद को समर्पित किया।"

 

शाहिद दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री और तीनों सेवा प्रमुख राज घाट स्मारक पर समाधि पर एकत्रित होते हैं और बहु-रंग के फूलों सेसजी मालाएँ पहनते हैं। सशस्त्र बल के जवानों ने अंतिम पोस्ट की आवाज करते हुए बगलों को उड़ा दिया। सम्मान के निशान के रूप में अंतर-सेवा आकस्मिक रिवर्स आर्म्स। भारतीय शहीदों की याद में दो मिनट का मौन पूरे देश में सुबह ११ बजे मनाया जाता है। प्रतिभागियों ने सभी धर्म की प्रार्थनाएं कीं और श्रद्धांजलि दी।

मोहनदास करमचन्द गान्धी का जन्म पश्चिमी भारत में वर्तमान गुजरात के एक तटीय शहर पोरबंदर नामक स्थान पर २ अक्टूबर सन् १८६९ को हुआ था।

उन्होंने अपने जीवन काल मे कई सारे महान कार्य किये जिसके वजह से उनको "महात्मा" की उपाधि प्राप्त हुई|

३० जनवरी, १९४८, गांधी की उस समय नाथूराम गोडसे द्वारा गोली मारकर हत्या कर दी गई जब वे नई दिल्ली के बिड़ला भवन (बिरला हाउस के मैदान में रात चहलकदमी कर रहे थे।

महात्मा जी के सिद्धांत थे -सत्य, अहिंसा, सकाहरि रवैया, विश्वास एवं सादगी|

महात्मा जी ने अपने जीवन काल मे कई देशों को उनका एहसानमंद भी बना दिया हैं|

 

गांधी जी के कुछ कहे अनमोल वचन -

 

"किसी चीज में यकीन करना और उसे ना जीना बेईमानी है।"

 

"सत्य कभी ऐसे कारण को क्षति नहीं पहुंचाता जो उचित हो।"

 

"एक राष्ट्र की संस्कृति उसमे रहने वाले लोगों के दिलों में और आत्मा में रहती है।"

credit: third party image reference

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